SEO kya hai | SEO से संबंधित सभी महत्वपूर्ण सवालों का जवाब 2021

SEO इंटरनेट दुनिया का सबसे पावरफुल वर्ड्स इसे आप कह सकते हैं। SEO kya hai आज इसीके बारे में जानेंगे जिसका पूरा नाम है Search Engine Optimization

seo kya hai

किसी भी तरह का बिजनेस वेबसाइट हो या ब्लॉग वेबसाइट बिना SEO का सफर तय नहीं हो सकता। अगर आप भी कोई बिजनेस वेबसाइट या ब्लॉग साइट बनाने जा रहे हैं या इन दोनों में से किसी वेबसाइट पे काम कर रहे हैं। तो सबसे पहले आप seo kya hai मतलब, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के बारे में पूरी तरह से जान लीजिए वरना आपका समय और पैसा दोनो बेकार हो जाएगा।

SEO (Search engine optimisation) ब्लॉगिंग या ऑनलाइन बिजनेस का ब्रह्मास्त्र है जिसको चलाने आ गया वो ऑनलाइन की दुनिया में हर जगह विजय ही होगा।

अगर आप एक ब्लॉगर या यूट्यूबर है, तो आपके लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। गूगल और यूट्यूब पर आर्टिकल या वीडियो को पहला स्थान दिलाने में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका SEO का ही होता है। यहां तक कि किसी भी वेबसाइट को सर्च इंजन में टॉप में लाने का काम भी यही करता है।

SEO का मतलब होता है गूगल के एल्गोरिदम या इंटरनेट के गाइडलाइन के हिसाब से काम करना ताकि आपका ब्लॉग या वेबसाइट अच्छी रैंक प्राप्त कर सकते और यूजर को भी एक बेहतरीन सुविधा का अनुभव हो।

SEO के हिसाब से जो महत्वपूर्ण पॉइंट है वह इस प्रकार हैं। जिसे हर ब्लॉगर और बिजनेस वेबसाइट ओनर को ध्यान रखना चाहिए।

  • वेबसाइट फास्ट लोडिंग हो इसके लिए अच्छी होस्टिंग या प्लगइन का यूज करना चाहिए।
  • वेबसाइट का थीम अच्छी तरीका से कस्टमाइज होना चाहिए। साथ ही कोई भी एरर नहीं होना चाहिए।
  • सभी तरह की वेबसाइट मे ये तीन तरह का पेज जरूर होना चाहिए जैसे: Contact us, Privacy policy और About us
  • पोस्ट आर्टिकल या प्रोडक्ट में मेन focus कीवर्ड का सही से इस्तेमाल होना चाहिए जैसे टाइटल, डिस्क्रिप्शन, मेटा डिस्क्रिप्शन Alt Tag इन सब जगहों पर मेन कीवर्ड का यूज होना चाहिए।
  • अगर आप ब्लॉग पोस्ट लिख रहे हैं तो आपका आर्टिकल बिल्कुल unique होना चाहिए किसी भी दूसरे वेबसाइट पोस्ट का कॉपी पेस्ट नहीं होना चाहिए।
SEO कितने प्रकार के होते हैं?

अगर हम SEO कि प्रकार की बात करें तो, मूल रूप से SEO दो प्रकार के होते हैं। (1) एक ऑन पेज SEO (2) दूसरा ऑफ पेज SEO. हालांकि कुछ seo विशेषज्ञ ने दो और नए सामान्य श्रेणी वाले rule नियम को भी seo के प्रकार में जोड़ दिए हैं। जो इस प्रकार हैं 1.लोकल seo 2. image seo तो चलिए अब एक-एक करके इन सभी प्रकार के बारे में जान लेते हैं।

on page seo kya hai

ऑन पेज SEO की बात करें तो हम अपने पोस्ट आर्टिकल लिखते समय जो ऑप्टिमाइजेशन करते हैं उसी को on page seo कहते हैं। यही वो एक जगह है जहां आपकी कार्य क्षमता दिखता है। SEO का सारा ताना-बाना यही होता है। आपके पास जो भी अस्त्र और शस्त्र है सब यही यूज़ करना पड़ता है। और ध्यान रहे इन सभी अस्त्र और शस्त्र में एक ब्रह्मास्त्र भी है आपके पास (मेन कीवर्ड) जिसका आपको सही से इस्तेमाल करना चाहिए।

हर ब्लॉगर का सपना होता है कि उसका आर्टिकल गूगल का फर्स्ट पेज पे रैंक करे पर ऐसा सबके साथ नहीं होता। फर्स्ट पेज पर रैंक नहीं करने का महत्वपूर्ण कारण है? आपका on page seo का सही ढंग से ऑप्टिमाइजेशन नही होना। जो नए ब्लॉगर अक्सर करते हैं।

शुरुआती दौर में सभी ब्लॉगर के साथ ऐसा होता है। इसी कमी के कारण अक्सर बहुत सारे ब्लॉगर ब्लॉगिंग में सक्सेस नहीं हो पाते हैं,और अंततः ब्लॉगिंग छोड़ देते हैं।

पर मैं आपको ऐसा करने नहीं दूंगा। अगर आप में लगन और धैर्य है तो। मैं आपको SEO कि सारी विद्या सिखा दूंगा सरल और आसान भाषा में। ताकि आपका भी आर्टिकल गूगल का फर्स्ट पेज पे रैंक कर सके। तो चलिए अब on page seo में समझते हैं आपको किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और क्या-क्या करना चाहिए?

1.पोस्ट का टाइटल लिखते समय मेन की वर्ड का शुरू में ही यूज करें या बीच में। और कीवर्ड के अलावा जो वर्ड यूज़ करें वो मीनिंग फूल होना चाहिए, बेमतलब का सब्दों को यूज करके टाइटल को लंबा ना करें।

what is seo in hindi
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2.पर्मालिंक बिल्कुल छोटा होना चाहिए मतलब आप पर्मालिंक में सिर्फ अपने मेन कीवर्ड को ही इस्तेमाल करें जब आप पोस्ट का टाइटल लिखेंगे तो परमा लिंक ऑटोमेटिक बन जाएगा उस पर्मालिंक को हटा के कस्टमाइज करें और मेन कीवर्ड का यूज़ करे।

उदाहरण के लिए जैसे आपका कीवर्ड है (होस्टिंग क्या है) तो आपका पर्मालिंक होना चाहिए (hosting-kya-hai-hindi) इस तरह से होना चाहिए। और एक चीज का ध्यान रखें हमेशा पर्मालिंक रोमन लिपि (इंग्लिश) में ही लिखे। ऐसा नहीं है कि आप हिंदी में नहीं लिख सकते हैं पर आपका पर्मालिंक बहुत ही लंबा हो जाएगा और अटपटा सा दिखेगा।

3.कीवर्ड का यूज पहले पैराग्राफ और अंतिम पैराग्राफ में जरूर करें। मतलब आपका आर्टिकल का सुरु के पहली लाइन या दूसरी लाइन में आपका मेन कीवर्ड ऐड होना चाहिए। और मेटा डिस्क्रिप्शन में भी चेक कर ले आपका कीवर्ड ऐड हुआ है कि नहीं अगर ना हो तो ऐड कर दे।

on page seo kya hai

4. इमेज के (Alt Text) Title, description, में भी मेन कीवर्ड का इस्तेमाल करें।

5.पोस्ट में Heading (H2, H3, H4, H5) का इस्तेमाल जरूर करें। और आपका सभी हेडिंग में मेन कीवर्ड या रिलेटेड कीवर्ड होना चाहिए।

  1. इंटरनल और एक्सटर्नल लिंक अपने पोस्ट में add करें। इंटरनल लिंक का मतलब होता है आपका ही किसी दूसरे पोस्ट का लिंक। और एक्सटर्नल लिंक का मतलब हुआ किसी दूसरे वेबसाइट या पोस्ट का लिंक।

Off page SEO kya hai

ऑफ पेज SEO की बात करें तो जैसा कि नाम से पता चल रहा है कि ये बाहरी कार्य है मतलब किसी भी वेबसाइट का जब हम प्रमोशन करते हैं चाहे वह गेस्ट पोस्ट लिख करके, बैकलिंक के द्वारा या सोशल शेयरिंग के द्वारा या फिर अन्य किसी और बाहरी तरीका से तब ये ऑफ पेज SEO कहलाता है।

ऑफ पेज seo को ध्यान में रख के जो महत्वपूर्ण कार्य किया जाता है वह इस प्रकार है चलिए एक-एक करके इन सभी के बारे में जान लेते हैं।

Backlinks kya hai


बैकलिंक ये भी एक अहम रोल निभाता है ऑफ पेज seo मे,और हमारी ब्लॉग को फेमस करने में। बैकलिंक का मतलब होता है, हमारी साइट का link किसी दूसरी साइट में होना।

जितनी ज्यादा ‘अच्छी वेबसाइटों’ से हमारी साइट को बैकलिंक मिलेगी उतनी ही ज्यादा संभावना है हमारी वेबसाइट को गूगल में rank करने की।

बैकलिंक Quality sites से हो तो महत्वपूर्ण है। और ये backlinks contextual होने चाहिए। मतलब यदि आपकी वेबसाइट cooking के बारे में है तो, आपकी बैकलिंक भी cooking या इसके संबंधित site से होना चाहिए।

बैकलिंक का एक major benefit ये भी है की ये referral traffic जो आपके ब्लॉग पर search engine से नहीं आता, बल्कि किसी और ब्लॉग के link के माध्यम से आता हैं, ऐसे ट्रैफिक को लाने में हेल्प करता है।

2.सर्च इंजन सबमिशन

जब हम अपनी Website को बना लेते हैं उसके बाद सबसे ज्यादा जरुरी होता है की हम उस वेबसाईट का Information (Search Engine) में सबमिट कर दे ताकि वह हमारी वेबसाईट को Index करके Search Results में Show कर सके।

इन्टरनेट पर गूगल के अलावा भी ऐसे बहुत सारे Search Engines हैं जिनका Use ज्यादातर लोग किसी भी Topic पर Search करने के लिए करते हैं। इसलिए हमारे लिए यह जरुरी हो जाता है की, हम उन सभी Search Engines पर अपनी Website को Submit करें। ताकि हमारी Website उन सभी Search Engines के Results में Show हो, और हमारी Website पर लोग विजिट कर सके।

Search engines:
Google
Bing
Yahoo

3.सोशल sharing


सोशल मीडिया वो प्लेटफॉर्म है जहां आपको या आपके काम को अगर लोग नहीं जानता है तो आपका पहचान अधूरा है। इसलिए सोशल मीडिया का महत्व आज के समय में काफी बढ़ गया है। इसीलिए हमे भी इसका फायदा उठाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर आपको प्रतिक्रिया देखने को जल्दी मिलती है। जैसे आपने कोई वीडियो या आर्टिकल को पोस्ट किया है तो यूजर को अगर वह पसंद आता है तो लाइक और शेयर करते हैं। और अगर आपके ब्लॉग पोस्ट पर ऐसा होता है तो गूगल इसको भी सीरियसली लेता है जिससे आपकी पोस्ट को रैंक होने में सहायता मिलती है। इसलिए सारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना पोस्ट शेयर जरूर करें जैसे:
Facebook
Twitter
Instagram
LinkedIn
Pinterest
telegram

4.गेस्ट पोस्टिंग


गेस्ट पोस्टिंग का अर्थ है किसी अन्य साइट या ब्लॉग के लिए पोस्ट और लेख लिखना।

मान लीजिए एक लोकप्रिय साइट या ब्लॉग को बहुत सारे पोस्ट और लेखों की आवश्यकता है और उसका मालिक चाहता है कि कोई अन्य लेखक उनके ब्लॉग के लिए लेख लिखे। तो आप उस साइट पे गेस्ट पोस्ट लिख सकते हैं।

गेस्ट पोस्टिंग से आपको Backlinks मिलता है। दूसरे के लिए लिखने के कारण लोग आपसे और आपकी ब्लॉग से परिचित होते हैं। जो किसी भी ब्लॉगर को अपनी ब्लॉग की रैंकिंग सुधारने में और ट्रैफिक अपने ब्लॉग पर लाने में सहायता मिलती है।

इसके लिए जरूरी है कि जिस वेबसाइट या ब्लॉग के लिए आप गेस्ट पोस्ट लिख रहे है, वह एक लोकप्रिय साइट होनी चाहिए। साथ ही उसकी रैंकिंग भी अच्छी होनी चाहिए।

5.ब्लॉग कॉमेंटिंग

आपकी टॉपिक (niche) से रिलेटेड किसी दूसरे ब्लॉग पर जाकर अपनी कमेन्ट पोस्ट कर सकते हैं। इससे फायदा यह होता है कि कमेन्ट सेक्शन में हीं वेबसाइट की लिंक ऐड करने के लिए option दिया रहता है। वहाँ आप अपनी ब्लॉग का लिंक को पोस्ट कर सकते हैं। जहां से आपको अपनी ब्लॉग पे ट्रैफिक लाने में मदद मिलेगी।

आपकी कमेन्ट सेक्शन के वेबसाइट की लिंक को Search Engine द्वारा भी क्रॉल किया जाता है। जो आपकी साइट की ओर इंगित करने में मदद करता है। इसलिए पहले से पोपुलर ब्लॉग पर आप अपनी कमेन्ट, के साथ लिंक पोस्ट कर सकते हैं। साथ ही प्रश्न-उत्तर के साईट (quora) पर भी
किसी प्रश्न का उत्तर दे कर के आप अपने ब्लॉग साइट का लिंक पोस्ट कर सकते हैं।

Keyword kya hota hai

Keyword ही एक ऐसा मात्र रास्ता है जिसके सहारे आप अपने वेबसाइट पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक ला सकते हैं। कीवर्ड एक प्रश्न, क्वेश्चन ही होता है जिसका उत्तर पाने के लिए, लोगों द्वारा सर्च किया जाता है। जैसे: “blog kya hai” ब्लागिंग कैसे करे, how to make money online, ये सारे कीवर्ड ही है।

अगर सही कीवर्ड का इस्तेमाल आप अपने ब्लॉग पोस्ट या किसी प्रोडक्ट टाइटल का डिस्क्रिप्शन, में नही किया, तो आपके website, या ब्लॉग पोस्ट में ट्रैफिक ना के बराबर ही आएगा।

बिना सही कीवर्ड इस्तेमाल किए आप अपने ब्लॉग पोस्ट या साइट का चाहे जितना ऑन पेज SEO ya ऑफ पेज SEO कर लीजिए आपका पोस्ट वेबसाईट रैंक नहीं करेगा। मतलब आपके वेबसाइट पर organic traffic नहीं आयेगी। किसी ब्लॉग पोस्ट को रैंक कराने में, गूगल का फर्स्ट पेज पर लाने में, 50% जिम्मेवारी इस कीवर्ड का ही होता है।

अगर आप एक नए ब्लॉगर है, या आप अपना ब्लॉग पोस्ट जल्दी रैंक कराना चाहते हैं? तो हमेशा (लॉन्ग टेल) और लो कंपटीशन वाला कीवर्ड ही अपने ब्लॉग पोस्ट में यूज करें। फ्री ऑफ कोस्ट कीवर्ड फाइंड करने के लिए गूगल कीवर्ड प्लानर का यूज कर सकते हैं। अगर आप कुछ पैसे खर्च कर सकते हैं तो बेहतर रिजल्ट के लिए पैड टूल का इस्तेमाल करें।

Blog kya hai puri jankari

FAQ

1.SEO के लिए बेस्ट प्लगइन कौन सा है?

के हिसाब से लेटेस्ट बेस्ट प्लगइन है (Rank Math)

2.फोकस कीवर्ड क्या है?

फोकस कीवर्ड उसे कहते हैं जिसको आधार बना के आप अपना ब्लॉग पोस्ट लिख रहे हैं मतलब मेन कीवर्ड।

3.कीवर्ड सर्च करने के लिए बेस्ट फ्री टूल कौन सा है?

कीवर्ड सर्च करने के लिए बेस्ट फ्री टूल की अगर बात करें तो आप गूगल का keyword planner यूज कर सकते हैं

तो दोस्तों मैं आशा करता हूं कि आपको SEO से संबंधित बेसिक सभी जानकारी मिल गई होगी जैसे SEO kya hai? On Page SEO क्या होता है? ऑफ पेज SEO kya hota hai इत्यादि।

मैंने काफी मेहनत कर के इस आर्टिकल को लिखी है 10 दिन लगा पूरी आर्टिकल को लिखने में, आर्टिकल लिखने के बाद मैंने इसे 3 दिन खुद पढ़ा और जब मुझे यह लगा अब ये आर्टिकल पूरी तरह से पब्लिश करने लायक है, मुझे इसमें कोई कमी नजर नहीं आई। (मेरे हिसाब से) तभी जाकर मैंने इस आर्टिकल को पब्लिश किया।

अभी तक मैंने अपने सारे पोस्ट में आपको रिक्वेस्ट किया है कि आप कमेंट करें और अगर आपका कोई प्रश्न हो तो आप जरूर पूछे हमसे। पर आज मैं आपको ये पोस्ट पढ़ने के बाद ऐसे जाने नहीं दूंगा।

अगर आपको इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद थोड़ी बहुत भी नॉलेज मिली है, या कोई कमी नजर आई है; तो आपको बता कर जाना पड़ेगा कमेंट में।

क्योंकि मैंने तो अपने हिसाब से कोशिश की अच्छी useful जानकारी देने का आपको और बेहतरीन आर्टिकल लिखने का पर मुझे कैसे पता कि मैंने अच्छी आर्टिकल लिखी है और आपको यूज़ फुल नॉलेज मिला है इसके लिए तो कमेंट करना पड़ेगा ना आपको।

यह था पहला कार्य और दूसरी कार्य यह है कि आपको शेयर करना पड़ेगा इस पोस्ट को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पे अगर आप यह दोनों कार्य कर देते हैं तो मैं समझूंगा कि मैंने अच्छी आर्टिकल लिखी है।
तो इस पोस्ट में इतना ही मिलता हूं मैं आपसे अगली पोस्ट में तब तक आप अपना ख्याल रखें और कुछ नया सीखते रहें धन्यवाद।

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